कश्मकश

मुश्किल मे जब दिल घबराया, दिमाग उस पर गुर्राया ।हार का आईना दिखा, दिल को दहलाया ।। अब दिखा हिम्मत, जिसके कसीदे तू नाप आया ।ठहाका मार दिमाग खिलखिलाया ।। दिल बेचारा, कश्मकश मे, सूझे न कुछ इस पल में ।तैयारी खूब थी लङने की, तीर भी सहेजे तरकश मे ।। पर  कहीं कुछ छूट … Continue reading कश्मकश