ढलते जीवन की लाचारी

धीमी गति, कांपता बदनबुझी आँखें, गुमशुदा स्वपन। ऐसे में कोई तो आएपलभर साथ का एहसास दे जाए । हम भी भागा करते थे कभीन जाने कब ज़माने की रफ्तार बढीहम ढूंढते रहे,  कारवां आगे बढ़ गया ।कम्बख्त जिन्दगी भी अजीब हैजिस भीङ के लिए जिएआज उसी भीड़ मे अकेले रह गए । अंत तो कभी … Continue reading ढलते जीवन की लाचारी

कश्मकश

मुश्किल मे जब दिल घबराया, दिमाग उस पर गुर्राया ।हार का आईना दिखा, दिल को दहलाया ।। अब दिखा हिम्मत, जिसके कसीदे तू नाप आया ।ठहाका मार दिमाग खिलखिलाया ।। दिल बेचारा, कश्मकश मे, सूझे न कुछ इस पल में ।तैयारी खूब थी लङने की, तीर भी सहेजे तरकश मे ।। पर  कहीं कुछ छूट … Continue reading कश्मकश